Hindi Love Shayari

इश्क़ भी जूनून भी

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क्यों न सज़ा मिलती हमें मोहब्बत में?
आख़िर हमने भी तो बहुत दिल तोड़े थे उस शख्स की ख़ातिर।


है इश्क़ भी जूनून भी,
मस्ती भी जोश-ए-खून भी;
कहीं दिल में दर्द,
कहीं आह सर्द, 
कहीं रंग ज़र्द;
है यूँ भी और यूँ भी।


लोग तो बेवजह ही खरीदते हैं आईने,
आँख बंद करके भी अपनी हकीकत जानी जा सकती है।

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