चाँद तारों से रात जगमगाने लगी है

चाँद तारों से रात जगमगाने लगी है,

फूलों की खुशबू भी दुनिया को महकाने लगी है,

हो चुकी है अब यह रात गहरी है,

खामोश अब चारों दिशाएं लगता है,

इनको भी निंदिया रानी आने लगी है।

शुभ रात्रि!