प्रकृति का तीसरा नियम

प्रकृति  का तीसरा नियम
आपको  जीवन से जो कुछ भी मिलें  उसे पचाना सीखो क्योंकि
भोजन  न पचने  पर रोग बढ़ते है।
पैसा न पचने  पर दिखावा बढ़ता है
बात  न पचने पर चुगली  बढ़ता है ।
प्रशंसा  न पचने पर  अंहकार  बढ़ता है।
निंदा  न पचने पर  दुश्मनी,  
राज न पचने पर  खतरा  बढता है ।
दुःख  न पचने पर  निराशा बढती है ।
और सुख न पचने पर  पाप बढता है ।
बात  कडुवी बहुत  है  पर सत्य  है।