यात्री और बंटू

यात्री: तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी जेब में हाथ डालने की?

बंटू: मुझे माचिस चाहिए थी।
यात्री: इसके लिए तुम मुझसे बोल भी सकते थे।
बंटू: मैं अजनबियों से बात नहीं करता।