रोमांटिक शायरी

साँसे अपनी रोककर
तुझे छूने की तमन्ना
हल्का सा छूकर
ख़ुशी-ख़ुशी लौट आना…
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ये कोई रोमांटिक शायरी नही
कब्बडी की परिभाषा है !!