एक रूपये को तरसते नन्हे हाथ

हम अपनी ‘ज़िंदगी’ मे हर किसी को ‘अहमियत’ देते हैं
क्योंकि,
जो अच्छे होंगे वो साथ देंगे
और जो बुरे होंगे वो सबक देंगे।


बेजुबान पत्थर पे लदे है करोडो के गहने मंदिरो में।
उसी देहलीज पे एक रूपये को तरसते नन्हे हाथो को देखा है।