मोदी जी के दरबार में एक फ़कीर

एक बार मोदी जी के दरबार में एक फ़कीर गाना गाने जाता है।

फ़कीर बहुत अच्छा गाना गाता है।
मोदी जी कहते हैं इसे खूब सारा सोना दे दो। फ़कीर और अच्छा गाता है।

मोदी जी कहते हैं इसे हीरे जवाहरात भी दे दो।
फकीर और अच्छा गाता है। मोदी जी कहते हैं इसे अशर्फियाँ भी दे दो।
फ़कीर और अच्छा गाता है। मोदी जी कहते हैं इसे खूब सारी ज़मीन भी दे दो।

फ़कीर गाना गा कर घर चला जाता है। और अपने बीबी बच्चों से कहता है
आज हमारे राजा मोदी जी ने गाने का खूब सारा इनाम दिया है।
हीरे जवाहरात सोना, ज़मीन, अशर्फिया और भी बहुत कुछ दिया है।
सब बहुत खुश होते हैं ।

कुछ दिन बीत गए।
फ़कीर को अभी तक मोदी जी द्वारा मिलने वाला इनाम नही पहुँचा था
फ़कीर मोदी जी के दरवार में फिर पहुँचा कहने लगा “मोदी जी आप के द्वारा दिया गया इनाम मुझे अभी तक नहीं मिला”।
मोदी जी कहते हैं “अरे फ़कीर ये लेन देन की बात क्या करता है। तू मेरे कानों को खुश करता रहा।
और मैं तेरे कानों को खुश करता रहा”।